Sensex falls for the second consecutive day
Sensex falls for the second consecutive day
Source: Agency
Published: June 13

मुनाफा वसूली के कारण गिरे शेयर बाजार


पिछले काफी समय से तेजी का रुख रहने के बाद शुक्रवार को लगातार दूसरे दिन भी शेयर बाजारों में गिरावट दर्ज की गई। मुनाफा वसूली के चलते बांबे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) के बेंचमार्क सेंसेक्स में जहां गुरुवार को 55 अंकों की गिरावट रही थी, वह शुक्रवार को 173.53 अंकों की गिरावट के साथ 15,237.94 अंकों पर बंद हुआ। सेंसेक्स ने 15,600.30 अंकों के उच्चतम स्तर को छुआ और एक समय गिरकर 15,174.28 अंक तक भी आया।

इसी तरह 50 शेयरों वाले नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का सूचकांक निफ्टी 54.30 अंकों की गिरावट के साथ 4,583.40 अंकों पर बंद हुआ। बंद होने से पहले निफ्टी ने 4,693.20 अंकों के उच्चतम स्तर को छुआ, जबकि 4,583.40 अंकों के न्यूनतम स्तर तक भी गिरा। इस बारे में ब्रोकर्स का कहना है कि मार्च से अब तक शेयरों में करीब 90 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जो काफी महत्वपूर्ण है। इसके चलते ही मुनाफा वसूली को बढ़ावा मिला है और सप्ताह के आखिरी दो दिन में गिरावट दर्ज की गई है।

फंडों और आम निवेशकों ने रियल एस्टेट, ऑटो और टेक्नोलॉजी सेक्टरों के शेयरों की ज्यादा बिकवाली की। इन सेक्टरों के शयरों ने पिछले कुछ करोबार सत्रों में जबरदस्त बढ़त हासिल की थी। जबकि मेटल्स और रिफाइनरी सेक्टर के शेयरों की मजबूत स्थित ने बाजार को भारी गिरावट से उबार लिया। मेटल शेयरों ने अंतरराष्ट्रीय बाजारों में धातु की कीमतें बढ़ने से प्रोत्साहित होकर और रिफाइनरी शेयरों ने क्रूड ऑयल की कीमतें बढ़ने के कारण मजबूती दिखाई। छह धातुओं कॉपर, एल्यूमीनियम, लेड, टिन, जिंक और निकल के दामों में गुरुवार को लंदन एक्सचेंज में 4.2 फीसदी की जबरदस्त बढ़ोतरी दर्ज की गई थी।

इन्फोसिस टेक्नोलॉजीज, टाटा मोटर्स, बीएचईएल, लार्सन एंड टूब्रो, महिंद्रा एंड महिंद्रा, रैनबैक्सी लैब, एसीसी और भारती एयरटेल के शेयरों में भारी गिरावट रही। रियल एस्टेट सेक्टर के शेयरों को सबसे ज्यादा 2.49 फीसदी गिरावट का सामना करना पड़ा। प्रमुख रियल्टी फर्म डीएलएफ के शेयर 5.80 फीसदी की गिरावट के साथ 368.50 रुपये पर बंद हुए।

रियल्टी के बाद सबसे ज्यादा गिरावट ऑटो सेक्टर के शेयरों में रही, जिसमें 2.41 फीसदी की गिरावट रही। टेक्नोलॉजी सेक्टर के शेयरों में 2.40 फीसदी की गिरावट रही, जबकि कंज्यूमर ड्यूरेबल सेक्टर के शेयरों में 2.29 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई। वहीं, दूसरी ओर मेटल सेक्टर के सूचकांक में 1.93 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई। ऑयल और गैस सेक्टर के सूचकांक में 1.38 फीसदी की बढ़ोतरी रही। बिकवाली का दबाव ज्यादा बढ़ने के कारण स्मॉल कैप सूचकांक में 2.21 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई, जबकि मिडकैप सूचकांक में भी 2.10 फीसदी की गिरावट रही।

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