कपड़ा मंत्रालय ने गारमेंट एक्सपोर्ट पर ड्यूटी ड्राबैक बढ़ाने का प्रस्ताव वाणिज्य मंत्रालय की ड्यूटी ड्राबैक कमेटी को भेजा है। इस मुद्दे पर कमेटी की बैठक जल्द होने जा रही है। कमेटी द्वारा प्रस्ताव पास करने पर राजस्व विभाग इस पर अंतिम निर्णय लेगा। कपड़ा मंत्रालय के संयुक्त सचिव जे.एन. सिंह ने बताया कि इस बारे में मंत्रालय की तरफ से ड्रयूटी ड्राबैक बढ़ाने का प्रस्ताव कमेटी को भेजा गया है। कमेटी की जल्द होने जा रही बैठक में इस प्रस्ताव पर विचार होने की उम्मीद है।
डॉलर के मुकाबले रुपये में लगातार सुधार की वजह से गारमेंट निर्यातकों को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। मार्च से अब तक डॉलर के मुकाबले रुपये में दस फीसदी का सुधार हो चुका है। इससे निर्यात महंगा होता जा रहा है। सबसे ज्यादा प्रतिस्पर्धा चीन से मिल रही है। चीन ने पिछले एक साल के अंदर फ्री ऑन बोर्ड (एफओबी) कीमत के आधार पर ड्यूटी ड्राबैक को 11 से 17 फीसदी तक बढ़ा दिया है। इससे भारतीय कपड़ा निर्यातक चीन से लगातार पिछड़ते जा रहे हैं। भारत में गारमेंट इंडस्ट्री में ड्यूटी ड्राबैक आठ से दस फीसदी तक है। निर्यातक इसे बढ़ाकर 13.25 फीसदी तक करने की मांग कर रहे हैं। कपड़ा मंत्रालय को उम्मीद है कि दरों के बारे में जल्द ही कोई फैसला हो सकता है। इस बारे में एप्रैरल एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल (एईपीसी) के चेयरमैन राकेश वैद्य ने कहा है कि कपड़ा निर्यातक गर्मियों के ऑर्डर को अभी अंतिम रूप दे रहे हैं। इसमें चीन, बांग्लादेश और श्रीलंका के निर्यातकों से कड़ी प्रतिस्पर्धा करनी पड़ रही है। उम्मीद है कि आने वाले दिनों में रुपये की कीमत 10 से 15 फीसदी और बढ़ सकती है, ऐसे में सरकार को ड्यूटी ड्राबैक बढ़ाना चाहिए।hiv.sharma@busineebhaskar.net