कम आमदनी वाले लोगों के लिए माइक्रो फाइनेंस बड़े मददगार के तौर पर उभरा है।
एजुकेशन लोन के बाद अगर समय पर नौकरी न मिले, तो मुसीबत बढ़ जाती है।
बैंकिंग कोड्स एंड स्टैंडर्ड बोर्ड ऑफ इंडिया (बीसीएसबीआई) ने बैंकों की नकेल कसना शुरू कर दिया है।
जब लोन की सामान्य दरें 13 से 16 फीसदी के बीच हों, तो 11 फीसदी के फ्लैट रेट पर लोन सस्ता लग सकता है।
पुराने ग्राहकों को पुरानी दरों पर ही लोन चुकाना पड़ता है। पर अब कई बैंक पुराने ग्राहकों के लिए होम लोन की दरों में नए आकर्षण दे रहे हैं।
ज्वाइंट होम लोन के जरिए ज्यादा रकम जुटाई जा सकती है। इसलिए आज-कल लोग इसका पूरा फायदा उठा रहे हैं।
लोगों के कर्ज का इतिहास जानने के लिए बैंकों ने क्रेडिट इंफार्मेशन ब्यूरो (सिबिल) बनाया है।
मुद्रास्फीति की दर के पिछले 44 महीनों में सबसे ऊपर पहुंचने के साथ ही वित्त मंत्री पी चिदंबरम ने स्टील और सीमेंट उद्योग को चेतावनी देते