मार्च से मई के बीच तो इस स्कीम ने 91.56 फीसदी का रिटर्न दिया है। फंड का ये प्रदर्शन पूरे इन्फ्रास्ट्रक्चर फंड कैटेगरी से इसे अलग करता है।
बाजार की कम समझ रखने वाले निवेशकों को उम्मीद होती है कि फंड मैनेजर उनके पैसे सही जगह लगाएंगे।
ऐसे में फिलहाल बाजार में हर निवेशक की जरूरत के मुताबिक विकल्प मौजूद हैं। पर जरूरत से ज्यादा विकल्प होना भी निवेशकों के लिए नुकसानदेह साबित हो रहा है।
खासकर ऐसे निवेशक जो शेयर बाजार या म्यूचुअल फंड के बारे में बहुत ज्यादा नहीं जानते हैं।
इन प्लान के साथ सबसे अच्छी बात ये है कि इनमें निवेश पर फीस काफी कम ली जाती है। आपके निवेश का बहुत ही छोटा सा हिस्सा फंड के पास जाता है।
म्यूचुअल फंड की ट्रेडिंग बीएसई और एनएसई के टर्मिनल्स पर हो सकेगी। सेबी के इस प्रस्ताव को ऐतिहासिक माना जा रहा है।
म्यूचुअल फंड में निवेश के लिए कई तरह की स्कीमें उपलब्ध हैं। ज्यादातर फंड हाउस विभिन्न तरह की परिसंपत्तियों मंे निवेश करती हैं।
शेयर बाजार में सुधार के बाद लगातार नए फंड आ रहे हैं। फिडैलिटी म्यूचुअल फंड हाउस भी अब इसी ओर बढ़ता नजर आ रहा है।