सुस्ती का दौर बीत रहा है। शायद इसी वजह से प्रॉपर्टी के किराए एक बार फिर से बढ़ने लगे हैं।
इन हालात में ग्राहकों को सिर्फ कम ब्याज दर के आधार पर ही बैंक लोन का चुनाव नहीं करना चाहिए।
ज्यादातर लोग रहने के लिए एक घर खरीदना चाहते हैं। या फिर अपने बिजनेस की शुरुआत करने के लिए ऑफिस बनाना चाहते हैं।
अभी तक होम लोन पर बैंक आपको दो तरह के दर ऑफर करते थे, फिक्स्ड या फ्लोटिंग।
एक अंतरराष्ट्रीय ब्रोकरेज इंस्टीट्यूट के मुताबिक कुछ डेवलपर्स पैसे का इस्तेमाल कहीं और कर रहे हैं।
जीवन से अपेक्षाएं बढ़ने और साथ ही खर्चे बढ़ने के कारण रिटायरमेंट की प्लानिंग समय की जरूरत बन चुकी है।
वर्ष 2008-09 के लिए भारत की आर्थिक विकास दर 9 प्रतिशत रह सकती है।
अगर आप इंटरनेट बैंकिंग या एटीएम का पासवर्ड भूल गए हैं तो उसे हासिल करने के लिए कीमत चुकाना होगी।