हमारी जिम्मेदारियां क्या हैं? आपके मन में जब इस तरह के सवाल आते हैं तब आप चुनौतियों से जूझना भी सीख लेते हैं।
पूरी दुनिया में आप जहां भी जाएंगे, वहां आपको मनुष्य पीड़ा से कराहता हुआ मिल जाएगा।
आप संन्यासियों की पहचान किस तरह करते हैं? आप उन्हें वेशभूषा से पहचानते हैं और लोग उन्हें बहुत ज्ञानी समझते हैं।
अपने लेख की पिछली कड़ी से मैं आगे बढ़ना चाहूंगा। मेरी समझ यह है कि आप कोई खूबसूरत चीज देखते हैं
यह सब जब स्वेच्छा से संपन्न होने लगता है तो दूसरी मजेदार चीजें आपके जीवन में घटने लगती है।
कैसी विडम्बना है, पिछले ग्यारह महीने से राज्य के पास न तो लोकतांत्रिक ढंग से चुनी कोई सरकार है
‘हमारे जीने का कोई औचित्य नहीं है जब तक कि हम दूसरों की राह आसान करने की कोशिश में ना जुटें।’
केंद्र सरकार ने 10,000 करोड़ रुपए की आरंभिक राशि के साथ किसान ऋण राहत कोष के गठन को मंजूरी दे दी।