Nov 7th, 2009, 7:05 pm [IST]  
danik bhaskar

पहली-पहली पहेली..

danik bhaskar

उन खानों में उसने अंग्रेज़ी के अक्षर लिख दिए। आर्थर ने इन सभी 72 खानों को आड़े और खड़े रूप में इस तरह से व्यवस्थित करना शुरू किया कि उन खानों में रखे अक्षरों को मिलाकर एक शब्द तैयार हो और उस शब्द का कोई खास मतलब निकले। अब आर्थर ने इन सारे खानों में लिखे अक्षर हटा दिए और जो शब्द जिस खाने से शुरू व खत्म हो रहा था, वहां-वहां कुछ अंक रख दिए।

इसके बाद आर्थर ने उस पहेली के बाहर की तरफ उन...

 
 
danik bhaskar

कछुआ फिर जीत गया

danik bhaskar
बांधवगढ़ के जंगल में सब जानवर अत्यंत भाईचारे के साथ रहते थे। लेकिन जब से चिक्कू खरगोश ने यह सुना कि कछुए के किसी पूर्वज ने उसके पूर्वज को कभी दौड़ में हराया था, तब से वह अपने दोस्त झब्बू कछुए के पीछे पड़ गया। वह उसे नीचा दिखाने का कोई अवसर नहीं छोड़ता था। वैसे भी उसकी डींग मारने की बुरी आदत थी। कछुआ फरि जीत गया। एक दिन चिक्कू चौपाल पर अपने मित्रों के बीच हमेशा की तरह डींग हांक रहा था,...
 
 
danik bhaskar

चील को मिला चकमा

ब हुत दिन हुए एक सीधा-सादा, नाटा और बदसूरत देहाती रहता था। उसका नाम था- हाजी बग़लोल। उसकी अजीब-सी बकरे जैसी दाढ़ी थी, जिसकी वजह से वह बिल्कुल बकरे जैसा ही दिखता था। उसने अपनी सारी ज़िन्दगी गांव में ही बिताई थी। एक बार वह अपनी मौसी के घर दूसरे गांव गया। उसकी मौसी ने उसे कलेजी खाने को दी, जो उसे बहुत स्वादिष्ट लगी। उसने अपनी मौसी से कलेजी बनाने की विधि पूछी। मौसी ने विधि एक कागज़ पर लिखकर...
danik bhaskar
 
 
danik bhaskar

बालसखा सबके मन मे है

हर शिष्य चाहता है कि वह अपने गुरू के लिए हर वो काम करे, जिससे गुरू का सिर गर्व से ऊंचा हो जाए। यहां एक गुरू ने ऐसी मिसाल कायम की, जिससे वे हर शिष्य के मन में बस गए। शिष्यों से गुरुदक्षिणा में उन्हें एक प्यारा-सा नाम मिला- बालसखा। लंच ब्रेक के बाद शर्मा सर क्लास लेने आए। सारे बच्चों ने उन्हें शिक्षक दिवस की शुभकामनाएं दीं। शर्मा सर ने छात्रों को सम्बोधित किया, ‘छात्रो, आपने अक्सर...
danik bhaskar
 
 
danik bhaskar

शिक्षा के लिए

सोनू बहुत ही सीधा, सरल व विनम्र लड़का था तथा उसके सब दोस्त भी अच्छे और सभ्य परिवार के सदस्य थे। फर्क था तो केवल इतना कि सोनू गरीब मां का बेटा था और उसके दोस्त अच्छे खाते-पीते परिवार से थे। उन्हें रोÊाना विद्यालय जाने से पहले जेबखर्च के लिए पैसे मिलते थे मगर बेचारे सोनू को पैसे खर्च करने के लिए रोज रोज कौन पैसे देता? पिता की तो बहुत पहले ही मृत्यु हो गई थी, मेहनत-मज़दूरी करके जैसे-तैसे...
danik bhaskar
 
 
danik bhaskar

रिक्शा चल पड़ा

वह मई की तपती दोपहरी थी। सिम्मी की मम्मी पम्मी, प्रखर और दो बड़े-बड़े बैगों के साथ बस से उतरीं। सबसे पीछे सिम्मी बस से उतरी। बस से उतरते ही तेज लू का थपेड़ा सिम्मी के चेहरे पर पड़ा। वह तिलमिला गई। पास ही बरगद की घनी छाया थी। लेकिन सामान के साथ वहां तक पहुंचना मुश्किल था। मम्मी किसी रिक्शेवाले की प्रतीक्षा करने लगीं। दो खाली रिक्शे गुजर गए। मम्मी उन्हें देखती रहीं। सिम्मी बोली,...
danik bhaskar
 
 
danik bhaskar

बबलिंग हेड्स

यह प्रयोग बहुत आसान है, जरूरत है, तो बस वायु दबाव को समझने की। जरूरत एक हेयर ड्रायर एक थर्माकोल की गोलाकार कटी शीट (हेयर ड्रायर की नोजल से बड़ी न हो) प्रयोग एक हेयर ड्रायर लें। थर्माकोल की शीट (बॉल) पर मनचाहामुंह बनाएं या किसी जानवर का चित्र लगा दें। अब हेयर ड्रायर के नोÊाल यानी मुंह पर बॉल को रखें। ड्रायर ऑन होगा, तो बॉल हवा में उठकर उड़ने लगेगी। तीन धातु की बनी बॉलों को एक जार में...
danik bhaskar
 
 
danik bhaskar

माचिस की तीली और ऊंगलियों का खेल

अब एक मजेदार खेल में हिस्सा लीजिए। माचिस की एक तीली को अपनी तीन उंगलियों में इस तरह फंसाइए कि बीच वाली उंगली तीली के ऊपर हो। अब बीच वाली उंगली से तीली के सहारे दोनों उंगलियों पर दबाव डालकर तीली को तोड़ने की कोशिश करें। अंगूठे और छोटी उंगली का इस्तेमाल न करें। यह खेल के नियमों के खिलाफ होगा। न तोड़ पाएं, तो उत्तर पृष्ठ देख लें। उसमें तीली इन्हीं तीनों उंगलियों से तोड़ी जाएगी, मगर एक...
danik bhaskar
 
 
danik bhaskar

सिक्कों का खेल, हेड या टेल

सामग्री: दस सिक्के खिलाड़ियों की संख्या: दो नियम: 1. दोनों खिलाड़ियों को बारी-बारी से पंक्ति में रखे सिक्कों को पलटना है, हेड से टेल की तरफ। 2. खिलाड़ी एक बार में एक-दो और ज्यादा से ज्यादा तीन सिक्कों को साथ में पलट सकता है। खेलने की विधि: 1. सबसे पहले सभी सिक्कों को हेड की तरफ से एक कतार में जमा लें। 2. दोनों खिलाड़ियों को एक ही तरफ बैठकर खेलना होगा। 3. खेल के दो नियम हैं। पहला कि अगर...
danik bhaskar
 
 
danik bhaskar

तंग्राम का चीनी खेल

ये है तंग्राम यानी सात टुकड़ों से बनी आकृतियों का खेल। तंग्राम एक हÊार साल पुराना चीनी खेल है। इस खेल को बनाना आसान हैं - तंग्राम बनाने के लिए काले कागज की शीट अच्छी रहेगी। वैसे जूते या चप्पल के सोल (साफ और उपयोग में न आने वाले) यानी तलवे में लगने वाले काले रबर से भी बना सकते हैं। यदि आप इस मोटे रबर का उपयोग तंग्राम बनाने में करते हैं, तो इसके फटने या खराब होने का डर भी नहीं रहेगा। आप...
danik bhaskar
 
 
danik bhaskar

संदेश के तरीके

आज आपके पास अपने दोस्तों, रिश्तेदारों को कोई संदेश पहुंचाने के लिए कितनी सारी सुविधाएं मिल चुकी हैं। पर एक समय ऐसा भी था, जब संदेश को पहुंचने में कई-कई दिन लग जाया करते थे। डालते हैं एक नÊार संदेशों के भूत और वर्तमान के हाल पर.. तब एक समय था, जब संदेश पहुंचाने का काम आदमी किया करते थे, वो भी पूरे रास्ते दौड़ते हुए। कई बार तो उन्हें 200 किमी से भी Êयादा दूरी तय करनी पड़ जाती थी। सोचिए, कितना...
danik bhaskar
 
 
danik bhaskar

चुलबुले चुटकुले

संता बंता.. संता की सैक्रेटरी बंतानी जब बॉस के कैबिन से निकली, तो उसका चेहरा तमतमाया हुआ था। सहेली के पूछने पर उसने बताया, ‘बॉस ने अंदर बुलाकर पूछा कि क्या आप खाली हैं। मुझे लगा कि कोई ख़ास बात है। जब मैंने कहा कि हां मैं ख़ाली हूं, तो कंब़ख्त ने मुझे 40 पेज टाइप करने को दे दिए। ********************बंता अपनी प्रेमिका संतानी को सुनाते हुए बोला: ‘मुझे तो ऐसी बीवी चाहिए जो आज्ञाकारी हो, अच्छा खाना पकाए,...
danik bhaskar
 
 
danik bhaskar

पशुराज सिंह वीर-घमंडी

मूल लेखक - श्री यामिनीकांत सोम, हिंदी अनुवाद उत्पल बैनर्जी कई योजन तक घना जंगल फैला हुआ था। उस जंगल में साल के बड़े-बड़े वृक्ष, ऊंचे-ऊंचे देवदार, रंग-बिरंगे तमाम फूलों और जाने कितने अच्छे-अच्छे फलों के पेड़ थे। एक सिंह इस बड़े जंगल का राजा था। पशुराज जितना वीर था, उतना ही घमंडी भी था। घमंडी भला क्यों न होता, इतने सारे जानवर.., लंबे-तगड़े भालुओं से लेकर बंदर, गिलहरी तक सभी पशुराज के अधीन...
danik bhaskar
 
 
danik bhaskar

छाता है बचाता

वर्षा का मौसम हो और छाते का नाम न आए, भला ऐसा कैसे हो सकता है। वर्षा और धूप से बचने के लिए हम सभी छाता ही तो इस्तेमाल में लाते हैं। आपको पता है इस रंग-बिरंगे, गोल-चौकोर छाते का आविष्कार कब और कहां हुआ था? आइए जानें.. आज से हजारों वर्ष पहले अगर कोई आम व्यक्ति छाता सिर पर तानकर सड़क पर दिखाई दे जाए, तो उस पर क्या गुÊारती थी, इसकी एक ऐतिहासिक और रोचक कथा है। अंग्रेÊाी में छाते को ‘अम्ब्रैला’...
danik bhaskar
 
 
danik bhaskar

टिकटों में बसे बाल चित्र..

यहां तीन डाक टिकटों के चित्र प्रदर्शित हैं। ये तीनों डाक टिकट बच्चों को समर्पित हैं। इन पर अंकित चित्र भी बच्चों से ही सम्बंधित हैं। भारतीय डाक विभाग ने बाल दिन के अवसर पर इन्हें पहली बार 14 नवंबर 1957 को जारी किया था। ये तीनों 8,15 और 90 पैसे के हैं। वर्ष 2008 में ये 51 साल पूरे कर 52वें वर्ष में प्रवेश कर चुके हैं। लंबे जीवनकाल की दृष्टि से अब ये ऐतिहासिक महत्व के डाक टिकट हैं। कहते हैं कि पुराने...
danik bhaskar
 
 
danik bhaskar

अनोखा है तरीका

कौन-सा ऐसा कीट है, जो अपना भोजन चूसकर ग्रहण कर पाता है? वो है - तितली! इस खूबसूरत, रंगीन कीट के पास दूसरे कीटों की तरह मुख नहीं होता, लेकिन प्रकृति ने तितली के भोजन के लिए एक दूसरा इंतज़ाम किया हुआ है। तितली के मुंह में लंबी, पतली ट्यूब होती है, जिसे प्रोबोसिस कहते हैं। उसी के द्वारा यह फूलों से मधुर मकरंद (फूलों का मीठा रस) चूसती है। ठीक उसी प्रकार जैसे आप स्ट्रॉ से कोल्डड्रिंक्स पीते...
danik bhaskar
 
 
danik bhaskar

पेड़-पौधों से दोस्ती करो..

आपके दोस्त तो बहुत से होंगे, हैं न! उनसे कभी-कभी आप कुट्टी कर लेते होंगे और कभी दोस्ती । इनके अलावा आपके कुछ ऐसे भी दोस्त हैं, जिनसे आपकी मित्रता तो है, पर इनके बारे में आप Êयादा जानते नहीं हैं। ये दोस्त हैं - पेड़-पौधे। आप इनसे कुट्टी करें या दोस्ती, ये आपसे सदा मित्रता ही निभाएंगे.. पे ड़-पौधे हमेशा आपको कुछ न कुछ देते रहते हैं। आम, जामुन, संतरा, केले जैसे फल इन्हीं से मिलते हैं। हरी-हरी...
danik bhaskar
 
 
danik bhaskar

चंपू के टिफिन में मिठाई और समोसे

चंपकवन में एक स्कूल था। सभी जानवरों के बच्चे उस स्कूल में पढ़ते थे। बच्चे वहां मिल-जुलकर पढ़ते,खेलते-कूदते और खाते-पीते। मंटू बंदर और चंपू भालू एक ही क्लास में पढ़ते थे। दोनों में अच्छी दोस्ती थी। एक दिन लंच के समय दोनों अपना-अपना टिफिन निकालकर खाने के लिए बैठे। मंटू के टिफिन में घी लगी रोटी और सब्Êाी थी, जबकि चंपू के टिफिन में मिठाई और समोसे। मिठाई और समोसे खाते हुए चंपू की नÊार...
danik bhaskar
 
 
danik bhaskar

न उपयोगी, न प्यारा, मैं हूं कैपीबारा

दुनिया में यदि बुद्धिमान प्राणियों की लिस्ट बनाई जाए, तो इसमें पहला नंबर आपका ही रहेगा। फिर व्हेल या डॉल्फिन आदि के बाद इस कतार में जो अनजाना नाम आएगा, वह होगा मेरा। मुझे कैपीबारा कहते हैं। आइए जान-पहचान बढ़ाते हैं..



वै से भी आपका मुझसे परिचित न होना कोई आश्चर्य की बात नहीं है। एक तो हम तुच्छ समझे जाने वाले जीवों के बारे में जानकारी हासिल करने की आमतौर पर किसी को रुचि होती नहीं...

danik bhaskar
 
 
danik bhaskar

चुलबुले चुटकुले

पिता - बेटा तुम्हारा एडमिशन उस स्कूल में नहीं हो सकता। बेटा - क्यों पापा? पिता -वहां कोई सीट खाली नहीं है। बेटा - पापा, आप मेरा एडमिशन तो करवा दीजिए, सीट तो मैं किसी तरह खाली करवा लूंगा। एक बार पागलखाने में तीन पागल बैठकर बातें कर रहे थे। पहला - मैं यहां का राजा हूं। दूसरा - तुझे किसने कहा? पहला - मुझे भगवान ने कहा है। तीसरा - नहीं, नहीं.. यह मुझ पर इल्Êाम लगा रहा है। मैंने तो इससे कुछ भी...
danik bhaskar
 
 
danik bhaskar

लंबी-छोटी पूंछ

एक चूहा था। उसका नाम पंछी था। उसकी पूंछ दूसरे चूहों से कुछ ज्यादा ही लंबी थी। वह अपनी लंबी पूंछ को लेकर बड़ा खुश रहता। अपनी चीÊों कैसी भी हों, अपनी ही होती हैं, है न! वह अकेले में उसे निहारता रहता। मन होता, तब अकेला ही खेलता और मस्त रहता। एक दिन वह अकेले खेलते-खेलते ऊब गया। वह दूसरे चूहों के पास गया, जो कि उस वक्त गुलाम-लाकड़ी खेल में मस्ताने हो रहे थे। वह उनके पास जाकर उछल-उछलकर बोला,...
danik bhaskar
 
 
danik bhaskar

मक्खी मार रहे हैं?

घर हो या रेस्तरां, दफ्तर हो या होटल या फिर सिनेमाघर। बगीचा हो, चाहे लिफ्ट। बस, रेल या फिर घोड़े-गधे, गाय की पूंछ। नन्ही-सी मक्खी हर कहीं डटी रहती है। आइए, मक्खी के बारे में कुछ जानकारी हासिल कर लेते हैं.. अंतरिक्ष यान तक में भी मक्खी की घुसपैठ रोकना मुश्किल होता है। सोयूज टी 12 नामक यान में बैठकर मक्खियों के अंतरिक्ष में पहुंचने की खबर सुर्खियों में रही थी। एरोप्लेन और शिप में जबरन...
danik bhaskar
 
 
danik bhaskar

स्वादिष्ट निमंत्रण कार्ड

इस मजेदार निमंत्रण कार्ड को पढ़कर आपको भी भूख लग आएगी और मन करेगा इस स्पेशल शादी का न्यौता आपको भी मिले....
danik bhaskar
 
 
danik bhaskar

दिमाग पर जोर डाल..ढूंढो समानताएं

इन्हें झूमता हुआ देखकर आप भी झूमने मत लग जाइएगा क्योंकि आपको करना है एक काम। यहां तीनों कतारों में नजर आ रहे तीन-तीन चित्र ऊपर से नीचे, दाएं से बाएं, आड़े और तिरछे हर तरफ से एक-दूसरे से किसी न किसी तरह से समानता रखते हैं। उन समानताओं को ढूंढने की कोशिश कीजिए।





danik bhaskar
 
 
danik bhaskar

एक बेजुबान बेटी

दोस्तो, यह एक प्यारी-सी बिटिया की आत्मकथा है, जिसे मैंने सन् 57 की कक्षा आठवीं की हिंदी बाल कथा माला से ली है। यह गाय की बिटिया है यानी बछड़ी। सुनिए तो, क्या कहना चाह रही है यह बेटी .. ‘पृ थ्वी पर पैर रखते ही आनंद के आवेग से एक विचित्र स्फूर्ति से मेरा हृदय भर गया। मैं अच्छी तरह खड़ी नहीं हो सकी थी, पर सामने स्नेहमयी मां खड़ी थी। उसने मुझे चाट-चाट कर मुझमें एक नई शक्ति ला दी। उस दिन...
danik bhaskar
 
 
danik bhaskar

स्वादिष्ट व्यंजन - यंग शेफ - रेसिपी

फ्रूट ब्रेड पुडिंग

सामग्री

केक ब्रेड - 1 छोटा पैकेट

मैरी बिस्किट - 1 पैकेट

कंडेंस्ड मिल्क - आधा कप ठ्ठ दूध -आधा कप

सेब - एक मध्यम आकार का, पतले स्लाइस कटवा लें।

केला - एक मध्यम आकार का,गोल पतले स्लाइस कटवा लें।

अंगूर - आधा कप

विधि - कंडेस्ड मिल्क और दूध को मिलाकर एकसार करें। एक चौरस शीशे के बोल में इस मिश्रण का एक बड़ा चम्मच डालकर सतह को एकसार करें। इस पर केक...
danik bhaskar
 
 
danik bhaskar

रुमाल का कमाल

साथियो, चलिए एक जादू का खेल दिखाने के लिए खुद को तैयार कीजिए। थोड़ी-सी होशियारी, दोस्तों पर पड़ेगी भारी। तो शुरू करते हैं .. ये सामान चाहिए - एक रुमाल दो एक जैसे छोटे छल्ले (पर्दो में लगाने वाले हों या उंगलियों में पहननेवाले) तैयारी जो पहले करनी है दोनों छल्लों में से एक को रुमाल के एक सिरे के साथ अच्छी तरह बांध लें। फिर जब आपको अपना यह ‘मैजिक शो’ शुरू करना हो, तो रुमाल का...
danik bhaskar
 
 
danik bhaskar

‘क्या आप जानते हैं?’

इतनी लंबी मोमबत्ती! आम मोमबत्तियां तो हम सबने देखी हैं, रंग-बिरंगी, छोटी-लंबी-मोटी है न! लेकिन सन् 1897 में स्टॉकहोम प्रदर्शनी में एक ऐसी मोमबत्ती दिखाई गई थी, जिसकी ऊंचाई 80 फुट और व्यास 8.5 फुट था। पत्थर से बना पाउडर शरीर पर लगाए जाने वाले सुगंधित टैल्कम पाउडर ‘टैल्क’ नामक पत्थर, जो सबसे मुलायम खनिज है, से बनाया जाता है। इसमें बाद में सुगंधि मिला दी जाती है। तैरता है लोहा क्विक...
danik bhaskar
 
 
danik bhaskar

बताओ मैं हूं कौन?

ये लोग आपसे दोस्ती करने आए हैं, मगर इनकी एक शर्त है, ये जानना चाहते हैं कि आप इनके नाम जानते भी हैं या नहीं। तो इनके सवालों को सुनकर इन्हें पहचानिए। 1. मैं रात में ही शिकार करता हूं और रात में ही उड़ता हूं। मेरा शिकार होते हैं- चूहे। मैं हूं कौन? 2. मैं दूसरों के घांेसलों में अपने अंडे देती हूं। पहचाना मैं कौन हूं? 3. मैं शिकारी पक्षी हूं और आसमान में काफी ऊंचाई में उड़ सकने का हुनर रखता...
danik bhaskar
 
 
danik bhaskar

गलती से हो गई ‘मिस्टेक’

दोस्तो, हंसने के मौके कभी भी, किसी भी मोड़ पर मिल सकते हैं और ऐसा मौका भूलों से भी मिल सकता है। जी हां, जब भूल होती है, तब तो अफसोस होता है, सीखने का मौका भी मिलता है लेकिन चंद साल बाद ये ही भूलें कभी-कभी हंसने पर भी मजबूर कर देती हैं। ऐसी ही चंद गलतियों पर गौर कीजिए, जो हुईं तो इत्तफाक से, पर थोड़ी महंगी भी पड़ीं.. कुछ सुना-सुना सा भाषण.. 31 दिसंबर, 1986 का दिन था। रात होते ही लाखों जर्मन निवासी...
danik bhaskar
 
 
danik bhaskar

टुंग टुंग और झुनझुना...

एक लड़के का नाम था टुंग। कोई उसे जब उसके नाम से पुकारता, तो ऐसा लगता मानो जलतरंग बज उठा हो। ‘टुंग, टुंग।’ बहुत मीठा सुनाई देता। उस लड़के का व्यवहार भी काफी मीठा था। वह एक छोटा-सा बच्च था। भोली-सी दो आंखें। उन दोनों आंखों में मानो खुशी ने अपना उजाला फैला रखा था। टुंग टकटकी लगाकर उस ओर देखता रहता, जिधर से जंगल शुरू होता था। जंगल के किनारे उन लोगों का मिट्टी का छोटा-सा घर था। दूर से देखने पर...
danik bhaskar
 
 
danik bhaskar

मंदी पहन कर फूल खिला है!

पिछले कुछ दशकों से रीसाइकलिंग फैशन का हिस्सा बन गया है, फिर चाहे वह कोई पुरानी चीज हो या लोगों का पसंदीदा काटरून शो या कैरेक्टर। लोगों की पसंद को ध्यान में रखते हुए डिज्नी एक बार फिर पुराने काटरून की रीसाइकलिंग कर रहे हैं। रॉबिन हुड हो, विनी द पूह या फिर नटखट मोगली। विश्वप्रसिद्ध इन कार्टून कैरेक्टर्स की लोकप्रियता को देखते हुए डिज्नी एक बार फिर लोगों के बीच इनको लेकर आना चाहते...
danik bhaskar